Omniscient Saint KABIRA


विश्व के हर मजहब ,धर्म
या संप्रदाय में संतों का अवतरण हुआ है हरेक देश में कई प्रसिद्ध संत हुए हैं आज हम बात करेंगे भारतीय संतों की ।
भारत में जब संतों का विश्लेषण होता है तो सबसे ऊपर नाम आता है संत कबीर दास जी का ।
संत कबीर साहिब में ऐसी क्या खास बात है कि भारत के गांव गांव में संत कबीर की वाणी  सर्वाधिक गूंजती है !! 
जब हम इस सामान्य से दिखने वाले गहन विषय पर रिसर्च करते हैं तो पता चलता है कि संत कबीर साहिब ने आज से 600 वर्ष पहले काशी शहर में अपने ज्ञान का लोहा मनवाया था और उस जमाने के पंडित ,ज्ञानी ,मौलवी और प्रसिद्ध लोगों में सर्वोपरि स्थान पाया था । 
हमने कबीर साहेब के जीवन लीला और उनके इस धरातल पर प्रकट होने और यहां से जाने के बारे में जांच पड़ताल की तो पाया कि संत कबीर साहेब के कोई माता-पिता नहीं थे ना ही उनका किसी मां के गर्भ से जन्म हुआ था उनके ग्रंथों में प्रमाण मिलता है कि कबीर साहेब सतलोक के रहने वाले हैं और वहीं से जब चाहे यहां आकर प्रकट हो जाते हैं ।
 ऐसी ही लीला उन्होंने कि 600 वर्ष पहले काशी शहर के लहर तारा तालाब में कमल के फूल पर शिशु के रूप में प्रकट होने की करी थी । जहां से उनको नििःसन्तान जुलाहा दंपति नीरू -नीमा अपने घर ले आते हैं तथा उनकी परवरिश एक कुंवारी बछिया के दूध से होने का प्रमाण मिलता है। और जब 120 वर्ष की लीला के पश्चात कबीर साहिब ने यहां से अपने निजी स्थान सतलोक प्रस्थान किया तो उनका यहां कोई शरीर नहीं मिला वेे फूलों में परिवर्तित हो गए और तेज पुंज रूप में अपने लोक को चले गए ।
यह सब प्रमाण सिद्ध करते हैं कि कबीर साहब कोई आम कवि या आम संत नहीं थे ना ही वे साधारण इंसान थे वे स्वयं पूर्णब्रह्म परमात्मा सृष्टि के रचना हार कुुुल के मालिक है और हम काल के जाल में फंसी हुई आत्माओं को सत्य ज्ञान बता कर मोक्ष प्रदान करने के लिए यहां आते हैं ।


इसी बात का प्रमाण दिया है संत गरीब दास जी महाराज छुड़ानी , झज्जर,हरियाणा वालों ने । उन्होंने भी कबीर साहेब को पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर सिद्ध किया है और हमारे पवित्र शास्त्र वेद भी परमात्मा कबीर साहिब को कविर्देव के नाम से वर्णन करते हैं और सिद्ध करते हैं कि वह परमात्मा जब शिशु रूप में प्रकट होता है तो उसकी परवरिश की लीला कुमारी गाय के दूध से होती है ।
विश्व के सभी संतो से जब हम टैली करते हैं तो पता चलता है सिर्फ संत कबीर साहेब की वाणी में ही सृष्टि रचना की सही सही और पूरी जानकारी मिलती है ।
और किसी ने भी सृष्टि रचना के बारे में नहीं बताया है और सृष्टि रचना परमात्मा ही बता सकता है ,जो उसको रचने वाला होता है।
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